केजीएस फैक्ट्री में माइनिंग विभाग का पड़ा छापा

सतना जिले की KGS सीमेंट फैक्ट्री मैहर में सोमवार को 22 सदस्यीय टीम अनलीगल माइनिंग की जांच करने पहुंची अवैध लीज में काफी समय से केजीएस फैक्ट्री मैहर में अवैध माइनिंग का कारोबार कर रहा था खासतौर से कांग्रेश शासनकाल में इनको संरक्षण दिया गया था उसके चलते अवैध लीज का कारोबार चरम पर था जो कि भाजपा सरकार आते ही इनकी सुध ली और जांच का सिलसिला शुरू हुआ और उसमें पाया गया यह माइनिंग का हिस्सा नहीं है जिसे खोजा नहीं जा सकता! इंदौर, भोपाल, ग्वालियर से आई हुई 22 सदस्यों की टीम ने गुपचुप तरीके से छापा डालकर इनके भटिया, अमिलिया में हो रही अवैध उत्खनन और अनलीगल माइनिंग की जांच की इसके बाद उन्होंने पूरी कार्यवाही को अपने तक ही सीमित रखा, और यहां से चले गए सबसे बड़ी बात तो यह थी की स्थानीय खनिज विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई और बाहर से अधिकारियों ने इन्हें इस कार्रवाई से दूर रखा हालांकि बाद में सतना माइनिंग की टीम भी वहां पर पहुंच गई थी न्यूज एडीटर ने जब इस कार्यवाही के बारे में अधिकारियों से बात की तो उन्होंने यह तो कबूला कि बाहर से टीम आई थी मगर बाकी कार्यवाही की जानकारी देने पर गोलमोल जवाब देते रहे, केजीएस फैक्ट्री में आए दिन कुछ ना कुछ भ्रष्टाचार की जड़ें जमती रहती है चाहे वह किसी गरीब के जमीन का मामला हो या किसी ठेकेदार की राशि हड़पने का मामला हो या जीएसटी की चोरी का मामला हो ऐसे कारनामे फैक्ट्री के मालिक और यहां का प्रबंधन करता ही रहता है हालांकि इस पूरी कार्यवाही को फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा छुपाने की कोशिश की गई है